Work

An individual identity doesn't depend only on the personality but do also include the work done by the person and the knowledge he have. Ramnarayan Shukla achieved many praises with his knowledge and work towards the hindi literature. His knowledge and efforts were not only limited to papers but also shared via art.

Writing - लेखन

अपने पूरे जीवन को हिंदी साहित्य एवं समाज सेवा को समर्पित करते हुए उन्होंने अपने विचारो को पुस्तकों और पत्रिकाओं के माध्यम से लोगों तक पहुँचाया ।

Books

  1. रूप और वस्तु - ठाकुर प्रसाद बुक डिपो, वाराणसी से प्रकाशित, मार्च 1983

  2. भक्ति काव्य स्वरूप और संवेदना - संजय बुक सेन्टर, वाराणसी, 1986-87

  3. जनवादी समक्ष और साहित्य - विश्वविद्यालय प्रकाशन, वाराणसी 1986-87

  4. भक्ति काव्य व्यापकता और विविधता - संजय बुक सेन्टर, वाराणसी से प्रकाशित 1988-98

  5. समकालीन परिप्रेक्ष्य और प्राचीन साहित्य - विजय अग्रवाल वाराणसी से प्रकाशित, 1989

  6. छायावादोत्तर काव्य संग्रह - संजय बुक सेन्टर, वाराणसी से प्रकाशित 1988

  7. आचार्य रामचन्द्र शुक्ल का रचनात्मक व्यक्तित्व - संपादन - प्रकाशय

Articles

  1. संकटकालीन स्थिति बुद्धिजीवियों का विभ्रम और आत्म संकोच - परिमिता सम्पादक श्री सत्यदेव मिश्र, बलिया, 1970-71

  2. काव्य रचना के आकारगत तत्वों की बनावट - परिमिता सम्पादक श्री श्याम जी चौबे, बलिया,1971-72

  3. समकालिक विश्व और जनता की जनवादी दृष्टि - "परिवेश" सम्पादक डा० काशीनाथ सिंह, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय 1974-75

  4. जनता से सम्बद्ध सर्वहारा से प्रतिबद्ध जनवादी साहित्य - "उत्तरार्द्ध" : सम्पादक सव्यसाची, मथुरा, 1974-75

  5. "धूमिल" : जनवादी सार्थक वक्तव्यों की खोज में संगिया 50 - सम्पादक डॉo लालबहादुर वर्मा, गोरखपुर 1975-76

  6. साहित्य में मध्य वर्ग की भूमिका - प्रतिमान 5 स० अमरनाथ खन्ना, शाहजहाँपुर 76-77

  7. उपन्यास का प्रेमचन्द्र युग सन्दर्भ बोध और दृष्टि - सम्पादक परशुराम कलकत्ता - 7, 1977-78

  8. कबीर प्रासंगिक सार्थकता अनाहत - श्री कबीर स्मृति ग्रंथ सम्पादक डा० राजेन्द्र नारायण शर्मा, रायपुर 1977

  9. समकालिक साहित्य की गतिशीलता और कबीर साहित्य - कबीर साहित्य का प्रासंगिकता, सम्पादक विवेकदास, 1978, वाराणसी

  10. साहित्य और राजनीतिक (बातचीत) - आर्यकल्प-3 सम्पादक-अवधेश नारायण मिश्र, वाराणसी 1978

  11. मुक्ति की कविता व्यक्ति उदान्तरण बोध की प्रक्रिया में लोक चेतना - सम्पादक डा लालबहादुर वर्मा, गोरखपुर 1978-79

  12. आधुनिक सन्दर्भ और भारतीय काव्यशास्त्र आर्यकल्प-4 - सम्पादक अवधेश नारायण मिश्र, वाराणसी, 1978

  13. सर्वहारा के साहित्य का सवाल (प्रतिक्रिया)

  14. जनवादी वस्तु और रूप की समस्या - लोक चेतना, सम्पादक डॉO लाल बहादुर वर्मा, गोरखपुर 1979

  15. प्रेमचन्द्र की विरासत - लोक चेतना, सम्पादक डा० रामनारायण शुक्ल, वाराणसी 1980

  16. गोर्की और प्रेमचन्द - लोक चेतना, सम्पादक डा० रामनारायण शुक्ल, वाराणसी 1981

  17. एक और द्रोणाचार्य मध्यवर्गीय बुद्धिजीवियों के समझौते के पीड़ादायक द्वन्द्व की सशक्त अभिव्यक्ति - लोक पक्ष 1-5, सम्पादक - सुधीरचन्द, वाराणसी, 1981

  18. समकालीन रचना आलोचना के सैद्धान्तिक आधार - लहर, सम्पादक प्रकाश जैन, अजमेर 1982

  19. जनवादी साहित्य का स्वरूप - लहर : सम्पादक प्रकाश जैन, अजमेर 1982

  20. जनवादी साहित्य का स्वरूप साहित्य और राजनीति - डॉ० कुवर पाल सिंह, अलीगढ़, 1982

  21. साहित्य और राजनीति - डा० शभूनाथ त्रिपाठी द्वारा सम्पादित, "सायरन" वाराणसी, मार्च 1983

  22. भारतीय नाट्य परम्परा - लघु नाट्य समारोह संगोष्ठी, गोरखपुर में पठित, "जनसंस्कृति" में भारतीय नाटय परम्परा की यथार्थ चेतना शीर्षक से प्रकाशय

  23. आचार्य रामचन्द्र शुक्ल और दूसरी परम्परा की खोज के अर्न्तविरोध - दस्तावेज सम्पादक विश्वनाथ तिवारी, गोरखपुर, 1984

  24. कथा साहित्य, यथार्थ और आचार्ययुक्त संरचना - सम्पादक अरविन्द्र कुमार, 1985

  25. रामचन्द्र शुक्ल, सही परम्परा की खोज - काशिका सम्पादक शिव प्रसाद सिंह, वाराणसी, आचार्य रामचन्द्र शुक्ल काव्य भाषा तथा आधुनिक चिन्तन में संग्रहित

  26. प्रगतिशील लेखक संघ के पचास वर्ष - जनसंस्कृति, सम्पादक अवधेश प्रधान, 1987 लखनऊ

  27. कबीर का समत्यवाद और आधुनिक साम्यवादी दृष्टि - श्री कबीर शान्ति सन्देश, सम्पादक श्याम दास शास्त्री, 1988 वाराणसी

  28. समकालीन रचना से शीलता की समस्यायें और चुनौतिया - प्रकाशित कतार, सम्पादक डॉ० बृजनन्दन शर्मा, 1988-89

  29. जनवादी गीतों की परम्परा - जनसंस्कृति प्रकाशित, 1989

  30. मुक्तिबोध काव्य प्रक्रिया और काव्य सव्य - प्रकाशित समकालीन हिन्दी कविता का संघर्ष 1990

  31. नाटककार प्रसाद नाट्य विधान और नाट्य भाषा-नाट्य संगोष्ठी - सरदार बल्लभ विद्यापीठ, गुजरात में पठित, 1990

  32. महाकवि प्रसाद के अध्ययन के वस्तुगत आधार - संजय बुक सेन्टर से ज० शर्मा के पुस्तक में संग्रहित, 1990

  33. छायावादोत्तर कविता : सरदार बल्लभ विद्यापीठ - गुजरात, हिन्दी पुनर्ववीकरण में दिया हुआ वक्तव्य, जनवरी 1990

  34. "महा प्रस्थान" और कवि नरेश मेहता - सरदार बल्लभ विद्यापीठ, गुजरात, हिन्दी पुनर्नवीकरण पाठ्य चर्चा, हिन्दी विभाग, वर्द्धमान विश्वविद्यालय दिया गया भाषण, 1990

  35. आधुनिक हिन्दी कविता, हिन्दी पुनर्ववीकरण पाठ्य चर्चा - हिन्दी विभाग, वर्धमान विश्वविद्यालय, दिया गया भाषण, 1990

  36. आधुनिक हिन्दी कविता हिन्दी पुनर्नवीकरण पाठ्य चर्चा - वर्धमान विश्वविद्यालय, 1990

  37. आलोचक रामचन्द्र शुक्ल और हिन्दी आलोचना - वर्धमान विश्वविद्यालय में भाषण, 1990

  38. साठोत्तरी हिन्दी कविता और धूमिल - वर्धमान विश्वविद्यालय, 1990

  39. हिन्दी प्रेम काव्य और कनुप्रिया - वक्तव्य वर्धमान विश्वविद्यालय, 1990

  40. प्रेमचन्द बड़े रचनाकारों के बीच - दैनिक जागरण 1989 जुलाई में प्रकाशित

  41. प्रसाद काव्य के वस्तुवादी मूल्यांकन की दृष्टि - प्रकाश्य डा० राजमणि शर्मा द्वारा संपादन

  42. महाकवि कालिदास और प्रसाद मानदण्ड पत्रिका - आचार्य शुक्ल साहित्य शोध संस्थान द्वारा प्रकाशय

  43. आचार्य शुक्ल और मुण्डेश्वरी के समीक्षा सिद्धान्त - साहित्य शोध संस्थान द्वारा प्रकाशित 1993-94

  44. प्रेमचन्द परम्परा के समकालीन कहानियाँ - संपादित प्रकाशित हो रही है

Stage Plays - नाट्य प्रस्तुति

कला में रुचि रखने के साथ साथ, रामनारायण शुक्ल इसमें बध चढ़ के हिस्सा भी लेते थे। उनके इसी प्रेम का परिणाम था की उन्होंने ही सर्व प्रथम मुंशी प्रेमचंद के जन्म्स्थल लमही में उनकी याद में "लमही चलो" का आयोजन किया।

Plays

  1. गोदान - मुंशी प्रेमचन्द की अमर कृति की नाट्य प्रस्तुति लमही में प्रेमचन्द के शताब्दी के अवसर पर सन् 1980-81

  2. एक और द्रोर्णाचार्य - डा0 शंकर सेठ संचित- 24 फरवरी 1982 कला संकाय प्रेधागृह काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में अध्यापक संघ के तत्वावधान में स्वतंत्रता भवन, 1988 में पंचम प्रस्तुति

  3. लाइफ ऑफ मैलोनियों - सचित 10-11 जून, 1982 मालवीय भवन, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय

  4. तबला बाजे घीन-धीन - डा0 लालबहादुर वर्मा 12-13 दिसम्बर, 1983 कला संकाय प्रेक्षागृह काशी हिन्दू विश्वविद्यालय

  5. आधे-अधूरे - मोहन राकेश, प्रस्तुत 1984, कला संकाय, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय

  6. बागभट्ट की आत्मकथा - मंचन वर्ष 1986, महिला महाविद्यालय, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय

  7. कोमल गंधार - डॉ शंकर सेठ, मेजर दारबरा बना स्वतंत्रता भवन, 1988

  8. मेजर बारबरा - बर्नाडशा प्रस्तुत-स्वतंत्रता भवन, 1989

  9. सन्ध्या छाया - जयंतदलवी-कुलपति सम्मेलन, 1988-89 स्वतंत्रता भवन में प्रस्तुत

  10. ज्याला ऋत्विक घटक - मालवीय भवन में प्रस्तुत 1989

  11. चेखप प्रेमचन्द गुरुचरण सिंह जैसे रचनाकारों की रचना - जनता के बीच में से जाने और प्रस्तुत करने का सांस्कृतिक संयोजन 1980 से अब तक सैकड़ों बार विविध स्थानों पर सम्पन्न किया

  12. जनसाहित्य सांस्कृतिक समस्या - आन्ध्र प्रदेश, 1981 में हिस्सेदारी, वक्ता और नाट्य प्रस्तुति

  13. ल्युशुन जन्म शताब्दी समारोह - कलकत्ता 1982 में मुख्य अतिथि वक्ता

  14. सैकड़ों स्थानीय गोष्ठियों में वक्ता के रूप में हिस्सेदारी और संयोजन तथा अध्यक्षता

  15. 21 दिवसीय नाट्य कार्यशाला का आलेखन - नगर छानसंप, 1982 काशी हिन्दू विश्वविद्यालय

  16. भक्तिकालीन साहित्य की राष्ट्रीय प्रासंगिकता - राष्ट्रीय संगोष्ठी आचार्य साहिला शोध संस्थान 6-7 सि० 1994 का संयोजन

  17. भारतीय नवजागरण और आधुनिक साहित्य - राष्ट्रीय संगोष्ठी आचार्य शोध संस्थान, 6-7 सितम्बर 1994 संयोजन

Seminars - संगोष्ठी

रामनारायण शुक्ल हमेशा से ही विचारों के धनी रहे, लोगों के बीच में उनकी विश्वसनीयता उनकी इसी विशेषता के वजह से अत्यधिक थी। इसी कारण से उन्हें कई संगोष्ठियो में भी आमंत्रित किया गया।

List of attended seminars

  1. विश्व हिंदी सम्मेलन - नई दिल्ली, 1983 - 84

  2. प्रेमचंद संगोष्ठी - हिंदी विभाग, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय 1982

  3. रामचंद्र शुक्ल शताब्दी समारोह - मार्च 1985, हिंदी विभाग, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय

  4. भारतेंदु पुण्य तिथि समारोह - जनवरी, 1986

  5. मैथिली शरण गुप्ता जन्मशती समारोह - हिंदी विभाग, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय, 1988

  6. प्रसाद संगोष्ठी - फ़रवरी, 1989

  7. माखन लाल चतुर्वेदी संगोष्ठी - हिंदी विभाग, मार्च 1990

  8. राहुल संगोष्ठी - हिंदी विभाग, मार्च 1995

  9. हज़ारी प्रसाद द्विवेदी संगोष्ठी - हिंदी विभाग, अप्रैल, 1986

  10. पाठ्यक्रम विकास केंद्र यू जी सी दिल्ली की बैठकों में हिस्सेदारी
    • अक्तूबर 1986, तिरुपति, आंध्र प्रदेश
    • सितम्बर 1986, वाराणसी
    • दिसम्बर 1986
    • मार्च 1987
    • मई 1987
    • अक्टूबर 1987, दिल्ली
    • अक्टूबर 1987 - जनवरी 1988, दिल्ली

  11. प्रेमचंद मेला - लमही, वाराणसी का आयोजन, 10 जून 1980

  12. लघु नाट्य समारोह संगोष्ठी - गोरखपुर, 1989

  13. जन साहित्य सांस्कृतिक समाख्या - आंध्र प्रदेश, जनवरी 1989

  14. 21 दिवसीय नाट्य कार्यशाला - मई से जून 1982, नगर छात्रसंघ, काशी हिंदू विश्वविद्यालय में आयोजन

  15. भक्तिकालीन साहित्य की राष्ट्रीय प्रासंगिकता - राष्ट्रीय संगोष्ठी आचार्य साहिला शोध संस्थान 6-7 सि० 1994 का संयोजन

  16. भारतीय नवजागरण और आधुनिक साहित्य - राष्ट्रीय संगोष्ठी आचार्य शोध संस्थान, 6-7 सितम्बर 1994 संयोजन

  17. नाटककार प्रसाद : नाट्य विभाग और नाट्य भाषा शीर्षक निभंध का पाठ - भव्य संगोष्ठी, सरदार वल्लभ विद्यापीठ, गुजरात, 1980

  18. छायावदोत्तर कविता पर संभाषण - सरदार वल्लभ विद्यापीठ, गुजरात, हिंदी पुनर्निर्वन पाठ्य चर्चा अक्टूबर 1990

  19. महाप्रस्थान और कवि नरेश मेहता - सरदार वल्लभ विद्यापीठ, गुजरात, हिंदी पुनर्निर्वन पाठ्य चर्चा अक्टूबर 1990

  20. आधुनिक हिंदी कविता पर संभाषण - हिंदी पुनर्निर्वन पाठ्य चर्चा, वर्धमान विश्वविद्यालय, पश्चिम बंगाल, नवम्बर 1990

  21. समकालीन कविता पर संभाषण - हिंदी पुनर्निर्वन पाठ्य चर्चा, वर्धमान विश्वविद्यालय, पश्चिम बंगाल, नवम्बर 1990

  22. आलोचक रामचंद्र शुक्ल और हिंदी आलोचना पर संभाषण - हिंदी पुनर्निर्वन पाठ्य चर्चा, नवम्बर 1990

  23. संश्थोध्ररी हिंदी कविता और धूमिल - 1990

  24. हिंदी प्रेमकाटरा और कनुप्रिया (भाषण) - हिंदी पुनर्निर्वन पाठ्य चर्चा, वर्धमान विश्वविद्यालय, पश्चिम बंगाल, नवम्बर 1990

  25. इनके अतिरिक्त स्थानीय संगोष्ठियो में अनगिनत बार हिस्सेदारी